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पीएम मोदी ने शेयर किया संस्कृत सुभाषित, कहा- संकट में भी उत्साह नहीं खोते बुद्धिमान
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20 Aug 2026 10:18 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने लिखा कि बुद्धिमान और दृढ़ बुद्धि वाले लोग संकट तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपना उत्साह नहीं खोते। प्रधानमंत्री ने संस्कृत श्लोक के साथ उसका हिंदी अर्थ भी साझा किया।
संस्कृत श्लोक किया साझा
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा, “आपत्काले च कष्टेऽपि नोत्साहस्त्यज्यते बुधैः। इति प्रबोधितस्तेन कथञ्चिद् दृढबुद्धिना॥” इसका भावार्थ है कि स्थिर और दृढ़ बुद्धि वाले ज्ञानीजन संकट और कठिन परिस्थितियों में भी अपना उत्साह नहीं छोड़ते।
एक दिन पहले परोपकार का दिया था संदेश
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री ने एक अन्य सुभाषित साझा करते हुए सदैव परोपकार और कल्याणकारी कर्म करने का संदेश दिया था। उन्होंने लिखा था, “एतावज्जन्मसाफल्यं देहिनामिह देहिषु। प्राणैरर्थैर्धिया वाचा श्रेय एवाचरेत्सदा॥” इसका अर्थ है कि मनुष्य के जीवन की सार्थकता अन्य प्राणियों के प्रति अपने शारीरिक सामर्थ्य, धन-संपत्ति, बुद्धि और वाणी के माध्यम से सदैव परोपकार एवं कल्याणकारी कार्य करने में है।